Sitavani Temple

Sitavani_Temple Uttarakhand

सीतावनी मंदिर रामनगर से लगभग 22 किमी. की दूरी पर स्थित हैं। सीतावनी मंदिर एक बहुत अच्छे क्षेत्र में स्थित है। सीतावनी जाने के लिए यात्री एक कैब किराए पर ले जा सकते हैं या अपनी पर्सनल गाड़ी से यात्रा कर सकते हैं। कैब द्वारा यात्रा सबसे अच्छा विकल्प है। यहां जाने के लिए यात्रियों को जंगल के बीचों बीच से होकर गुजरना पड़ता है यहां का सड़क मार्ग अभी कच्चा है जंगल में यात्रियों को कई प्रकार के जंगली जानवर देखने को मिलेगें। यह स्थान अच्छी तरह से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है और एक बार जब यात्री यहां तक पहुंच जाते हैं तो यात्री कई अन्य स्थानों को भी देख सकते हैं। सीतावनी के साथ-साथ कॉर्बेट का आनंद भी लें सकते हैं।

सीता मां का मन्दिर घने वृक्षों के बीचों-बीच स्थित सुन्दर एवं शान्त मन को मोह लेने वाला है। यात्री यहां मां के दर्शन तथा स्नान करने आते रहते है। यह शांति प्राप्त करने के लिए सुंदर और एक आदर्श जगह है। यहां हर साल रामनवमी के अवसर पर एक मेला आयोजित किया जाता है और हजारों लोग मेले में भाग लेते हैं।

 

 

  • माना जाता है कि यह मंदिर हिंदू देवी सीता माँ (भगवान राम की पत्नी) को समर्पित है। किवदंती के अनुसार वे इसी स्थान पर भूमि में समाविष्ट हो गई थी। रामनवमी के पवित्र अवसर पर यहाँ प्रतिवर्ष एक मेले का आयोजन किया जाता है।
  • सीतावनी कार्बेट नेशनल पार्क का बहुत प्रसिद्ध पर्यटक स्थल माना जाता है। यह मंदिर  तथा खुबसुरत नदी के लिए प्रसिद्ध  है।
  • जब लोगों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र की अनुमति नहीं मिलती है तो वे सफारी के लिए सीतावनी चुनते हैं।आप सुबह की सफारी के दौरान यहां बाघ, तेंदुए हाथी हिरण जैकल, जंगली सूअर कई अन्य जानवर देख सकते हैं। यह क्षेत्र पक्षी निरीक्षको के लिए बहुत प्रसिद्ध है।
  • यह मंदिर हिंदू महाकाव्य रामायण की महिला नायक, सीता को समर्पित है। हिंदू महाकाव्य रामायण के साथ इसका संबंध उस किंवदंती से जुड़ा है, जिसमें कहा गया है कि रामायण के नायक, सीता ने अग्निपरीक्षा प्रकरण के दौरान वनवास में फंसे अपने दिन बिताए थे।
  • सीता बनी मंदिर भगवान राम की पत्नी देवी सीता को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि उसने यहां धरती माता की गोद में प्रवेश किया। हर साल रामनवमी के दौरान यहां मेला लगता है। यह रामनगर से 20 किमी की दूरी पर स्थित है।

 

 

सीताबनी बफर जोन कॉर्बेट नेशनल पार्क का बहुत प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। यह बफर जोन कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) के अंतर्गत नहीं है। इसका मतलब है कि कॉर्बेट पार्क का नियम विनियमन इस क्षेत्र में लागू नहीं है। उस क्षेत्र के अंदर एक जंगली ट्रेक लिया जा सकता है। यहाँ एक प्रसिद्ध मंदिर है जो भगवान शिव और एक सुंदर नदी को समर्पित है। इस क्षेत्र की वन्यजीव सफारी भी बहुत प्रसिद्ध है। जब लोगों को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ज़ोन की अनुमति नहीं मिलती है तो वे सफारी के लिए सीताबनी चुनते हैं। सुबह की सफ़ारी के दौरान यहां बाघ, तेंदुआ, हाथी, भालू, सियार, जंगली सूअर और कई अन्य जानवर देखे जा सकते हैं। यह क्षेत्र विशेष रूप से पक्षी प्रेमियों के बीच बहुत प्रसिद्ध है।