Pancham Kee Bvaaree ki chitthee

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Pancham_Kee_Bvaaree_ki_chitthee
  • 26 Aug
  • 2019

Pancham Kee Bvaaree ki chitthee

पंचम की ब्वारी ने मुंगरी भूनकर ला रखी थी। सुबह उसने सोचा कि चलो आज मुंगरी ले जाती हूँ। आज गाँव से किसी के साथ गाड़ी में बैठकर आ रही थी कि सड़क पर गड्ढे हो रखे थे और गाड़ी गढ्ढो में उछल रही थी जिससे उनके कमर में झटका आ गया। गाड़ी वाले भैजी ने बताया कि ये देखो सामने हमारे नव निर्वाचित तीरथ सिंह रावत जी का तिमंजिला मकान है, उसके सामने ही सड़क पर गड्ढे हो रखे है। बस फिर तो पंचम की ब्वारी का गुस्सा फूट पड़ा, बुटीक में आकर उन्होंने सांसद श्री तीरथ सिंह रावत को मुंगरी खाते खाते चिट्ठी लिखी ।

आदरणीय जेठ जी नमस्कार। आपको बहुत दिन से चिट्ठी लिखने की सोच रही थी। पहले तो आपको पौड़ी से सांसद चुने जाने पर आपको बहुत बहुत बधाई। जेठ जी दीपक तले अंधेरा आज तो दिन दुफरा में ही देखने को मिल गया। जेठ जी अब जब आपके घर के सामने ही राष्ट्रीय मार्ग पर गढ्ढो में जो सड़को बनी है उसने तो मेरी आज कमर ही तोड़ दी थी। आज पता चला कि हमारे सांसद महोदय भी गढ्ढो को ही नही भर पा रहे हैं, नई सड़क की तो उम्मीद करना बेकार ही समझती हूँ। जेठ जी अब बसगयाल खत्म होने वाला है, नयार नदी में मछलियां खाने आना। मैं बहुत अच्छा सुरवा बना लेती हूँ, तब जरा सतपुली में जो गढ्ढे सड़को पर बने हैं उनको दिखाने के लिये मैं ले जाऊंगी।

 

 

आप तो अब साँसद बनकर दिल्ली पहुँच गए हो, लेकिन दीदी तो यँहा ही होगी उन्हें भी तो दिक्कत होती होगी। दीदी नही करती तुम्हारे लिये कुकणाट , मैं तो पंचम को खूब बोलती हूँ कि बसगयाल में जरा मेरे साथ उलणी कुलणी का घास साफ कर दिया करो। अब परसो ही हमने गाँव में स्वच्छता अभियान चलाया, कके ससुर जी की का कुलूण पर सारा भंगुल जम रखा था, कके सास जी को फ़ोटो भेजी थी, उनका जबाब आया कि तुम्हारे कके ससुर जी बोल रहे है कि हम तो इसकी खेती गाँव गाँव मे करवाना चाहते हैं, अगले महीने हम आयेंगे और हम इनके पहले बीज निकालकर हम इनका उदघाटन करेंगे। अब हमने अपने खेत मे उगे भंगलू को भी नही उखाड़ा है।

जेठ जी जब तक भंगुल पकने लायक होता है, सड़क पर तब तक टल्ला ही लगवा देना। पहाड़ की सड़कों की पक्की करण की बात करना तो छोटी मुंह बड़ी बात होगी। जब साँसद के घर के सामने ही सड़को पर इतने गड्ढे हो रखें है तो बाकी सड़को की मरम्मत की बात करना तो फंडफूक जनी बात हो जाएगी।

जेठ जी जरा एक खास बात यह भी है कि मैं इस बार प्रधान का चुनाव लड़ रही हूँ ख्याल रखना, आप भी आ जाना एक बार गाँव मे हमारे यँहा, बस एक सेल्फी लेने देना फ़िर देखना मेरा भी स्टेटस बढ़ जाएगा, लोगो को लगेगा कि पंचम की ब्वारी की बहुत जान पहचान है, इसी बहाने दो चार वोट मिल जायेंगे, लेकिन इसके लिए फिर कभी बात करूंगी।

आपसे इतना ही अनुरोध है कि जरा सड़कों के गढ्ढो पर टल्ले ही सही लेकिन ठीक करवा देना, पूरे सतपुली के लोग आपको दुवाये देगें। वैसे तो अब कके ससुर जी भंगलू के खेत काटने का उदघाटन करने आना ही है, उसमे आप भी आओगे ही। उस दिन तक अगर सड़क ठीक नही हुई तो सबको भांग की पकौड़ी खिला दूंगी। और हा दीदी को बोलना कि कभी कभी सूट मेरे बुटीक में भी सिलवा दिया करो, आजकल ऑन लाइन शॉपिंग के कारण बुटीक का काम मंदा हो गया है, हमारा भी ध्यान रखना। और सड़क तो ठीक करवा ही देना। अब शब्दो को यही विराम दे रही हूँ कम लिखने को अधिक समझना, जरा दुकान में एक दो ग्राहक आ गए हैं।

पंचम की ब्वारी सतपुली से।