Jubin Nautiyal

Jubin_Nautiyal
  • 14 Apr
  • 2020

Jubin Nautiyal

जुबिन नौटियाल एक भारतीय पार्श्व गायक, गीत लेखक, संगीत संगीतकार और संगीत निर्देशक हैं। उन्हें फिल्मों में उनके काम के लिए जाना जाता है। इन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत 2012 में की। इन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों के लिए कई हिट गाने गाये हैं। साथ ही, इन्होंने कई भारतीय भाषाओं में भी गाने गाये हैं। इनका जन्म 14 जून, 1989 को उत्तराखंड की राजधानी, देहरादून में हुआ था तथा उनकी राशि मिथुन है। जुबिन नौटियाल के पिता राम शरण नौटियाल एक व्यापारी होने के साथ-साथ उत्तराखंड के एक राजनीतिज्ञ भी हैं। उनकी मां नीना नौटियाल भी एक व्यवसायी हैं।

 

 

 

जुबिन नौटियाल ने सेंट जोसेफ्स अकेडमी, देहरादून में आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की और वेल्हम बॉयज़ स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की, जहाँ उन्होंने औपचारिक रूप से एक विषय के रूप में संगीत का अध्ययन किया। उसके बाद, वह आगे की पढ़ाई के लिए मुंबई के मिठीबाई कॉलेज चले गए। उन्होंने अपने गुरु श्री सामंत से हिंदुस्तानी संगीत के अतिरिक्त पाठ लिए। उन्होंने बनारस की यात्रा की, जहाँ उन्होंने भारतीय शास्त्रीय गायक श्री छन्नुलाल मिश्रा से हल्का शास्त्रीय संगीत सीखा। उन्होंने पश्चिमी संगीत के प्रशिक्षण के लिए चेन्नई में संगीत अकेडमी में भी दाखिला लिया, जहाँ उन्हें अनुभवी गिटारिस्ट प्रसन्ना के तहत प्रशिक्षण मिला।
 
उन्होंने अपने गुरु श्री सामंत से हिंदुस्तानी संगीत के अतिरिक्त पाठ लिए। उन्होंने बनारस की यात्रा की, जहाँ उन्होंने भारतीय शास्त्रीय गायक श्री छन्नुलाल मिश्रा से हल्का शास्त्रीय संगीत सीखा। उन्होंने पश्चिमी संगीत के प्रशिक्षण के लिए चेन्नई में संगीत अकादमी में दाखिला लिया, जहाँ उन्हें अनुभवी गिटारिस्ट प्रसन्ना के तहत प्रशिक्षण मिला।
 
 
  • जुबिन को 8 वें मिर्ची म्यूजिक अवार्ड्स, 2016 के अपकमिंग मेल वोकलिस्ट ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया, बजरंगी भाईजान के उनके गीत "जिंदगी कुछ तो है (आश्चर्य)" के लिए और उनकी अन्य उपलब्धि ज़ी बिज़नेस अवार्ड्स में प्राप्त म्यूजिकल स्टार अवार्ड (2015) है।
  • उन्हें मुंबई के जुहू स्थित एक होटल में फिल्म निर्माता मेहुल कुमार और अभिनेता शहबाज खान द्वारा वर्ष के बेस्ट प्लेबैक सिंगर के लिए टाइफा अवार्ड से भी नवाजा गया है। साथ ही, उन्हें और भी कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
  • अपने करियर की शुरुआत में, उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए कई गाने और कई हिट गाने गाए हैं। उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में फिल्मों के लिए गाने भी रिकॉर्ड किए हैं। जुबिन नौटियाल 2016 में उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड उदय रतन से पुरस्कृत किया गया।
 
  • जुबिन नौटियाल के पसंदीदा अभिनेता ऋतिक रोशन और सलमान खान हैं। साथ ही, उनके पसंदीदा निर्देशक महेश भट्ट हैं।
  • उनके पसंदीदा पसंदीदा संगीतकार / गायक में अरिजीत सिंह, ए॰ आर॰ रहमान, राहत फ़तेह अली खान, मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार, सोनू निगम, श्रेया घोषाल और अलका याज्ञिक शामिल हैं।
  • जुबिन नौटियाल को पहाड़ी संस्कृति से बेहद लगाव है और वह पहाड़ी संगीत को दुनियाभर में पहचान दिलाना उनका सपना है। उनके पसंदीदा पहाड़ी संगीतकारो में से एक नरेंद्र सिंह नेगी जी हैं, जिनके लोकप्रिय गीत "ताछुमा-ताछुमा" को इन्होनें नया कवर भी दिया है।
  • साथ भी, उन्हें गिटार बजाने और यात्रा करने का भी शौक है।

 

  • जुबिन ने 2011 में एक म्यूजिकल रियलिटी शो x- फैक्टर में भाग लिया और शीर्ष 25 प्रतिभागियों में से एक बन गए।
  • जुबिन ने इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री में अपना पहला गीत डेब्यू फिल्म "सोनाली केबल" (2014) के गाने "एक मुलकात" से किया, जो हिट रहा। जुबिन ने कई हिट गाने दिए हैं। उन्होंने उन्होंने उसी वर्ष "द शौकीन्स" फिल्म के लिए "मेहरबानी" गीत भी गाया। 
  • 2015 में, उन्होंने बजरंगी भाईजान के लिए 'ज़िंदगी', जज़्बा के लिए 'बंदेया', बरखा के लिए 'तू इत्तेनी ख़ूबसूरत है रीलोडेड' और श्रेया घोषाल के लिए किस किसको प्यार करूँ के लिए गाया।
  • 2017 में, वह ऋतिक रोशन स्टारर फिल्म काबिल के मुख्य गायक थे, जिसमें राजेश रोशन का संगीत था। उन्होंने शीर्षक ट्रैक सहित फिल्म के लिए चार गीत गाए और धर्मा प्रोडक्शन की फिल्म "ओके जानू" के लिए "द हम्मा सॉन्ग" भी गाया।
  • उन्होंने एस. थामन. के संगीत निर्देशन में और आशिकी में बंगाली डेब्यू के तहत सर्रेनोडु के लिए अपना तेलुगु डेब्यू किया।
  • उन्होनें टी-सीरीज़ द्वारा निर्मित, चिट्ठी गीत को भी गाया जिसके बोल कुमर द्वारा लिखे गए हैं। यह उनके प्रिय मित्र का एक जौनसारी गीत है। उन्होनें बताया कि हमने इस एकल के लिए नई संरचना और उपकरणों की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि इस ट्रैक को बनाने के लिए बहुत सारे महान संगीतकारों का साथ मिला।
  • उन्होंने और भी कई फिल्मों के गीतों को अपनी आवाज़ दी, जो गीत काफी हिट भी रहे।
  • उन्होंने कई कार्यक्रमों में लाइव प्रदर्शन किया और कई चैरिटी को अपना समर्थन दिया।

 

 

 

  • जुबिन को चार साल की छोटी उम्र में संगीत के प्रति का झुकाव अपने पिता के गायन के प्रति प्रेम के कारण था।
  • वह आठ वाद्ययंत्र बजा सकते हैं, जिसमें गिटार, हारमोनियम, बांसुरी, पियानो, ड्रम और अन्य शामिल हैं।
  • मुंबई के मिथिला कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात ए.आर. रहमान से हुई जिन्होंने उनकी आवाज की गुणवत्ता की सराहना की और यह भी सुझाव दिया कि उन्हें संगीत उद्योग में प्रवेश करने से पहले कुछ और वर्षों तक अपनी आवाज पर काम करना जारी रखना चाहिए।
  • जुबिन मिश्रित मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्टर हैं।
  • वह एक राष्ट्रीय स्तर का शूटर है और डिस्कस थ्रो और शॉट पुट में जिला स्तर के एथलीट है।
  • उन्होंने एक बार एक साक्षात्कार में कहा था कि वह अपने गिटार के बिना नहीं रह सकते।
  • दिलचस्प की बात यह है कि वह अपने बालों को काटने के लिए सैलून जाना पसंद नहीं करते बल्कि वह अपने बाल खुद ही काटते  हैं।
  • अपने स्कूल के दिनों के दौरान, उन्होंने एक बार अपनी नयी स्कूल की वर्दी में आग लगा दी, क्योंकि वह अपने पुराने स्कूल की वर्दी से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे।

 

जुबिन नौटियाल जी कहते हैं कि हमें हमारी संस्कृति अपनों से, मिट्टी से जोड़ता है। वह चाहते हैं कि वह उत्तराखंड के संगीत में ऐसी क्रांति लेकर आए कि हमारे जौनसारी, गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनपुरी गीत भी बॉलीवुड फिल्मों में सुनाई दें। साथ ही वह मानते हैं कि संगीतकार होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने गांवों की मिट्टी की खुशबू लोगों तक पहुँचाये। हमे भी उनके इस सहयोग का सम्मान करना चाहिए।